🏛️ ईरान का इतिहास: प्राचीन सभ्यता से आधुनिक इस्लामी गणराज्य तक
लेखक: Saifullah Qamar
जब भी दुनिया की प्राचीन और महान सभ्यताओं की बात होती है, तो ईरान (जिसे पहले फ़ारस कहा जाता था) का नाम ज़रूर लिया जाता है।ईरान की धरती पर ऐसी कई सल्तनतें उभरीं और मिटीं जिन्होंने दुनिया के नक्शे को बदल दिया।इस पोस्ट में हम जानेंगे:
- ईरान की प्राचीन सभ्यता
- इस्लाम से पहले का इतिहास
- इस्लाम का आगमन
- सफ़वी वंश, क़ाजार वंश
- आधुनिक क्रांति और आज का ईरान
1. ईरान की प्राचीन सभ्यता (3000 BCE – 550 BCE)
ईरान की धरती इंसानी सभ्यता की सबसे पुरानी जगहों में से एक है।यहाँ कई पुरानी सभ्यताएँ पनपीं, जैसे:
- एलामाइट्स (Elamites): दक्षिण पश्चिम ईरान में बसी सभ्यता (2700 BCE)
- मादी (Medians): 7वीं सदी BCE में ईरान के पहले यूनाइटेड राज्य
- आचेमेनिड साम्राज्य (Achaemenid Empire):
- स्थापक: सायरस महान (Cyrus the Great)
- साम्राज्य फैला मिस्र से लेकर भारत की सीमा तक
- दुनिया का पहला ऐसा साम्राज्य जिसने इंसानों के अधिकारों (Human Rights) को महत्व दिया
- सायरस सिलेंडर को दुनिया का पहला मानवाधिकार घोषणापत्र माना जाता है
उस समय फ़ारस (ईरान) दुनिया की सबसे शक्तिशाली ताक़त था।
2. इस्लाम से पहले ईरान: फ़ारसी संस्कृति और ज़रथुश्त धर्म
- ज़रथुश्त्र (Zoroaster) ने लगभग 1500–1000 BCE में ज़रथुश्त्र धर्म (Zoroastrianism) की नींव रखी
- धर्म का मुख्य ईश्वर: अहुरा मज़्दा
- यह धर्म अच्छाई और बुराई की लड़ाई पर आधारित है
ईरान की संस्कृति, साहित्य, वास्तुकला और सेना दुनिया में सर्वोत्तम मानी जाती थी।दारायवुश (Darius the Great) और खरशू (Xerxes) जैसे राजा यूनान तक युद्ध करने गए।
3. इस्लाम का आगमन (651 AD)
- 651 ईस्वी: इस्लामी ख़िलाफ़त की सेना ने सासानी साम्राज्य को हरा दिया
- इसके बाद ईरान में इस्लाम धीरे-धीरे फैलने लगा
- शुरुआत में सुन्नी इस्लाम फैला, लेकिन कुछ सदियों बाद शिया इस्लाम प्रभावी हुआ
शिया मत का प्रभाव:
- ईरान शिया इस्लाम का सबसे बड़ा केंद्र बन गया
- इमामों की शहादत और करबला की याद ईरान की संस्कृति का हिस्सा बन गई
4. सफ़वी वंश (1501 – 1736)
- शाह इस्माइल प्रथम ने सफ़वी साम्राज्य की नींव रखी
- शिया इस्लाम को राज्य धर्म घोषित किया
- इसने ईरान को धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से मज़बूत बनाया
- ईरान और ऑटोमन (तुर्क) साम्राज्य में लंबे युद्ध हुए
- इस दौर में ईरानी कला, स्थापत्य और फ़ारसी साहित्य का स्वर्णकाल रहा
5. क़ाजार वंश (1794 – 1925)
- ये वंश राजनीतिक रूप से कमज़ोर और भ्रष्ट हो गया
- अंग्रेज़ों और रूस ने ईरान में दख़ल देना शुरू किया
- 1906 में ईरान का पहला संविधान बना, संसद बनी — लेकिन राजा ने ताक़त नहीं छोड़ी
- जनता में असंतोष बढ़ता गया
6. पहलवी वंश और आधुनिकता (1925 – 1979)
- रज़ा शाह पहलवी ने सत्ता संभाली
- उन्होंने आधुनिक स्कूल, रेल, कोर्ट सिस्टम शुरू किया
- लेकिन साथ ही धार्मिक स्वतंत्रता को दबाया
- पारंपरिक कपड़ों पर रोक, हिजाब पर प्रतिबंध लगाया
- पश्चिमी देशों से काफ़ी नज़दीकी बढ़ाई
मोहम्मद रज़ा शाह पहलवी:
- अमेरिका का करीबी
- लोगों को लगता था कि वह देश को “पश्चिम का गुलाम” बना रहे हैं
- भ्रष्टाचार और गरीबों की अनदेखी के कारण जनता भड़की
7. ईरानी इस्लामी क्रांति (1979)
- आयतुल्ला ख़ुमैनी ने शाह के खिलाफ जनआंदोलन का नेतृत्व किया
- 1979 में शाह को देश छोड़ना पड़ा
- ईरान बना इस्लामी गणराज्य (Islamic Republic)
क्रांति के बाद:
- हिजाब फिर से अनिवार्य
- शरिया कानून लागू
- पश्चिम विरोधी नीतियाँ
- अमरीका के दूतावास पर हमला (Hostage Crisis – 444 दिन)
8. ईरान-इराक युद्ध (1980 – 1988)
- इराक के सद्दाम हुसैन ने ईरान पर हमला कर दिया
- आठ साल चले इस युद्ध में लाखों लोग मारे गए
- ईरान की अर्थव्यवस्था को भारी नुक़सान हुआ
- लेकिन ईरानी जनता ने एकजुटता दिखाई
9. मौजूदा शासन और बदलाव (1989 – वर्तमान)
- 1989 में ख़ुमैनी की मौत के बाद आयतुल्ला अली ख़ामेनेई सर्वोच्च नेता बने
- देश का राष्ट्रपति चुना जाता है, लेकिन असली ताक़त “सुप्रीम लीडर” के पास होती है
- ईरान में संसद, चुनाव, प्रेस हैं — लेकिन सभी इस्लामी नियंत्रण के अधीन
10. हाल की घटनाएँ
परमाणु कार्यक्रम:
- ईरान का परमाणु कार्यक्रम पश्चिमी देशों को चिंता में डालता है
- अमेरिका ने कई बार प्रतिबंध (Sanctions) लगाए हैं
- 2015 में “न्यूक्लियर डील” हुई, लेकिन 2018 में ट्रंप सरकार ने इसे तोड़ दिया
हिजाब विवाद और विरोध प्रदर्शन (2022):
- महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद पूरे देश में विरोध हुआ
- लाखों महिलाएं “हिजाब की आज़ादी” की मांग करने लगीं
- सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई की
ईरान का वैश्विक प्रभाव
- शिया इस्लाम का सबसे बड़ा केंद्र
- हिज़बुल्लाह (लेबनान), हौसी (यमन), और अन्य शिया गुटों को समर्थन
- अमेरिका, इज़राइल, और सऊदी अरब से कटु संबंध
- चीन और रूस के क़रीब
ईरान की कहानी एक ऐसे देश की है:
- जिसने हजारों साल की सभ्यता देखी
- राजाओं, धर्मों और युद्धों का सामना किया
- जिसने इस्लामी क्रांति के बाद अपनी पहचान बदली
- और आज भी एक ताक़तवर और रहस्यमयी देश बना हुआ है