सैफुल्लाह कमर शिबली
दोस्तों ! क्या आपने कभी सोचा है कि कभी हिंदुस्तान को “सोने की चिड़िया” क्यों कहा जाता था?
ऐसा क्या था इस देश में कि दुनिया भर के लोग यहां आकर बसना चाहते थे?
और फिर ऐसा क्या हुआ कि वही देश आज गरीबी, बेरोजगारी, नफरत और अज्ञानता से जूझ रहा है?
आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे:
- हिंदुस्तान को सोने की चिड़िया क्यों कहा गया?
- उस समय भारत कितना अमीर और ताकतवर था?
- और फिर उसका पतन कैसे हुआ?
हिंदुस्तान का सुनहरा दौर
प्राचीन भारत यानी वैदिक काल से लेकर मुग़ल साम्राज्य तक भारत एक महान, समृद्ध और शिक्षित देश था।
दुनिया भर के यात्री और इतिहासकार इसे “Golden Bird” यानी “सोने की चिड़िया” कहते थे।
क्यों कहा गया सोने की चिड़िया?
1. धन-दौलत में सबसे आगे:
- दुनिया की कुल दौलत का करीब 25% हिस्सा अकेले भारत के पास था।
- भारत सोना, चांदी, मसाले, सूती कपड़े, हीरे और हस्तशिल्प का सबसे बड़ा निर्यातक था।
2. खेती और उपज:
- गंगा, यमुना, सिंधु जैसी नदियाँ भारत की मिट्टी को बहुत उपजाऊ बनाती थीं।
- एक साल में दो बार फसल होती थी।
- लोग भूखे नहीं सोते थे।
3. व्यापार और उद्योग:
- अरब, चीन, मिस्र, यूनान और बाद में यूरोप के व्यापारी भारत में व्यापार करने आते थे।
- सूरत, कलकत्ता, गोआ, कोचीन जैसे बंदरगाह शहर दुनिया के बड़े व्यापारिक केंद्र थे।
4. ज्ञान और शिक्षा:
- नालंदा, तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालयों में देश-विदेश से छात्र पढ़ने आते थे।
- गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा, दार्शनिकता, आयुर्वेद और भाषा में भारत अग्रणी था।
5. संस्कृति और सहिष्णुता:
- यहां हर धर्म, जाति और भाषा के लोग मिलजुल कर रहते थे।
- कला, संगीत, वास्तुकला, नृत्य, साहित्य – सब में समृद्धि थी।
मुग़ल काल: सोने की चिड़िया का स्वर्ण युग
मुग़ल बादशाह जैसे अकबर, शाहजहाँ, और औरंगज़ेब के शासन में:
- भारत दुनिया की सबसे बड़ी और समृद्ध ताकतों में से एक था।
- “ताजमहल”, “लाल किला”, “शालीमार बाग” जैसी कारीगरी पूरी दुनिया को हैरान करती थी।
विदेशी यात्रियों की गवाही:
- फ्रांसीसी यात्री “बर्नियर” ने लिखा: “मैंने पूरी यूरोप में इतनी दौलत नहीं देखी जितनी भारत में देखी।”
- चीनी यात्री “फाह्यान” ने कहा: “यहाँ के लोग शिक्षित, ईमानदार और शांतिप्रिय हैं।”
पतन की शुरुआत: जब चिड़िया को पिंजरे में डाल दिया गया
क्या हुआ फिर?
1. विदेशियों का आगमन और कब्जा:
- पहले पुर्तगाली, फिर डच, फ्रेंच और फिर अंग्रेज़ भारत आए।
- व्यापार के बहाने आए लेकिन धीरे-धीरे भारत को लूटने लगे।
2. अंग्रेजों की लूट:
- भारत से करोड़ों की दौलत, हीरे-जवाहरात, कच्चा माल और मजदूरी ले गए।
- भारतीय कारीगरों के हाथ काटे गए, गांव उजाड़े गए, और किसान गुलाम बना दिए गए।
3. ‘Divide and Rule’ की नीति:
- हिंदू-मुस्लिम, सिख-ईसाई में झगड़े करवाए गए।
- एकता खत्म की गई ताकि देश कमजोर बना रहे।
4. भारतीय शिक्षा का विनाश:
- गुरुकुल और मदरसे खत्म किए गए।
- केवल वही शिक्षा दी गई जो अंग्रेज़ों की गुलामी को बढ़ावा दे।
आज का भारत – क्या फिर बन सकता है सोने की चिड़िया?
आज भारत में संसाधन तो बहुत हैं, लेकिन:
- नफरत, भेदभाव और भ्रष्टाचार ने इसे रोक दिया है।
- जहां कभी ज्ञान, प्रेम और भाईचारा था, आज वहां धर्म के नाम पर झगड़े हैं।
समाधान क्या है? (क्या करें?)
शिक्षा को सबके लिए अनिवार्य करें
हर धर्म, भाषा और जाति का सम्मान करें
आपसी एकता और प्रेम को बढ़ावा दें
देसी उद्योग और कौशल को बढ़ावा दें
ईमानदारी, मेहनत और न्याय को अपनाएं
ऐ भारतवासियों!
तुम्हारा देश कभी सचमुच सोने की चिड़िया था –
क्योंकि यहां ज्ञान, एकता, मेहनत, और मानवता का राज था।
अगर हम चाहें तो फिर से वह गौरवमयी समय ला सकते हैं।
बस हमें खुद बदलना होगा,
और अपने बच्चों को शिक्षा, संस्कार और प्रेम का पाठ पढ़ाना होगा