Saifullah Qamar Shibli
क्या आप जानते हैं कि आज जो आधुनिक चिकित्सा (Modern Medicine), दवाइयों के नियम, और दिमागी बीमारियों का इलाज है — उसमें एक बहुत बड़ा योगदान एक मुस्लिम वैज्ञानिक का है जिसे दुनिया “Avicenna” के नाम से जानती है, लेकिन इस्लामी दुनिया उसे “इब्न सीना” कहती है।
इब्न सीना केवल एक डॉक्टर ही नहीं थे, वे एक दार्शनिक (Philosopher), वैज्ञानिक (Scientist), गणितज्ञ (Mathematician), ज्योतिषी (Astronomer), और एक लेखक भी थे। वे वो नाम हैं जिन्होंने यूरोप को अंधकार से निकालकर ज्ञान के रास्ते पर डाला!

प्रारंभिक जीवन (980 ई. – 10 साल की उम्र तक)
पूरा नाम: अबू अली हुसैन इब्न अब्दुल्ला इब्न सीना
जन्म: सन् 980 ई. में अफ़शना गाँव (आज का उज्बेकिस्तान)
पिता: अब्दुल्ला — एक विद्वान और इस्माइली विचारधारा से जुड़े थे।
इब्न सीना बचपन से ही असाधारण प्रतिभा के धनी थे। 5 साल की उम्र में उन्होंने क़ुरआन हिफ़्ज़ कर लिया था और 10 साल की उम्र में इस्लामी शिक्षा, अरबी व्याकरण, और कविता में माहिर हो गए थे।
शिक्षा का सफर (10 से 18 साल)
जब दूसरे बच्चे खेलने में व्यस्त होते हैं, इब्न सीना ने अपने आप को दर्शन, गणित, ज्योतिष, तर्कशास्त्र और विशेष रूप से चिकित्सा (Medicine) की पढ़ाई में झोंक दिया।
16 साल की उम्र तक, उन्होंने उस ज़माने की सभी चिकित्सा किताबें पढ़ ली थीं।
18 साल की उम्र में, उन्होंने अपने टीचर्स को पढ़ाना शुरू कर दिया और अपने इलाज से एक बीमार राजा को ठीक किया।
इस इलाज के बदले में उन्हें एक विशाल पुस्तकालय तक पहुंच दी गई, जिसने उनके ज्ञान को और भी ऊँचाई दी।
इब्न सीना की महान रचनाएँ
1. किताब अल-शिफा (Kitab al-Shifa)
यह एक विशाल दार्शनिक ग्रंथ है जिसमें तर्कशास्त्र, गणित, ज्योतिष, प्राकृतिक विज्ञान, और मानसिकता की गहराई से चर्चा की गई है।
2. अल-क़ानून फी अत-तिब (The Canon of Medicine)
यह चिकित्सा की दुनिया में एक क्रांतिकारी किताब थी। 600 साल तक यूरोप की मेडिकल यूनिवर्सिटीज़ में यही मुख्य किताब थी। इसमें 760 दवाओं, रोगों के प्रकार, और इलाज के तरीके बताए गए हैं।
3. दिमाग़ी और मानसिक बीमारियों पर विशेष कार्य
इब्न सीना ने यह साबित किया कि मानसिक बीमारियाँ कोई जिन या शैतान का असर नहीं, बल्कि मस्तिष्क का रोग होती हैं — जिसे इलाज और समझदारी से ठीक किया जा सकता है।
जीवन का संघर्ष
इब्न सीना की जिंदगी बहुत कठिन थी। कभी-कभी उन्हें शासकों से संघर्ष करना पड़ता था, कभी जेल में डाला गया, तो कभी शरण लेकर काम करना पड़ा। लेकिन इन सभी हालातों में भी उन्होंने लिखना नहीं छोड़ा।
उनकी पूरी जिंदगी में उन्होंने करीब 450 किताबें लिखीं, जिनमें से लगभग 240 किताबें अब भी उपलब्ध हैं।
यूरोप और इब्न सीना
यूरोप के लोग इब्न सीना को “Father of Modern Medicine” यानी आधुनिक चिकित्सा का जनक मानते हैं।
उनकी किताब “Canon of Medicine” को यूरोप की यूनिवर्सिटीज़ ने 12वीं से 17वीं शताब्दी तक मुख्य पाठ्यक्रम में रखा।
ईसाई और यहूदी डॉक्टर उनकी किताबों से सीखकर बड़े-बड़े डॉक्टर बने।
इब्न सीना की सोच
इब्न सीना कहते थे:
> “ज्ञान इंसान का सबसे बड़ा हथियार है। वह जितना अधिक सीखता है, उतना अधिक अपने आप को और दुनिया को बेहतर बना सकता है।”
वो तर्क और विज्ञान के माध्यम से इस्लाम की व्याख्या करते थे। उनका मानना था कि धर्म और तर्क एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि सहयोगी हैं।
निधन
इब्न सीना का निधन 1037 ई. में ईरान के हमदान शहर में हुआ। उस समय उनकी उम्र केवल 57 साल थी, लेकिन उन्होंने इतनी किताबें और ज्ञान की विरासत छोड़ी कि सदियाँ उन्हें याद करती रहेंगी।
आज के लिए सबक
आज का मुस्लिम समाज जिस अंधेरे में है, वह ज्ञान से दूरी की वजह से है। दुनिया की हर क़ौम ने इब्न सीना की किताबों से फायदा हासिल किया, लेकिन हाय रे बद नसीबी के मुस्लिम क़ौम उसके नाम तक को नहीं जानती
इब्न सीना ने उस दौर में, जब दुनिया में अज्ञान का अंधकार था, विज्ञान और चिकित्सा के दीये जलाए।
अगर हम अपने बच्चों को सही मार्गदर्शन और ज्ञान देंगे तो वे भी “इब्न सीना” बन सकते हैं।
इब्न सीना केवल एक मुसलमान नहीं थे — वे पूरी मानवता के लिए एक तोहफा थे। उन्होंने साबित कर दिया कि इस्लाम ज्ञान का धर्म है, और मुसलमान अगर चाहे तो पूरी दुनिया को रास्ता दिखा सकता है।
Video Link , Yahudi ko madeene se kiyu nikala…https://youtu.be/wTsHxtY1Pco