“दूसरी विश्व युद्ध: दुनिया का सबसे खतरनाक युद्ध जिसमें करोड़ों लोग मारे गए”

दुनिया का सबसे खतरनाक युद्ध दूसरी विश्व युद्ध था, जो 1939 से 1945 तक चला। इस युद्ध में जर्मनी, जापान और इटली जैसे धुरी राष्ट्रों का सामना ब्रिटेन, फ्रांस, अमेरिका और सोवियत यूनियन जैसे मित्र राष्ट्रों से हुआ। करोड़ों लोगों की जान गई, हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया गया और इंसानियत ने अब तक की सबसे बड़ी तबाही देखी।

दुनिया के इतिहास में अगर सबसे खतरनाक, सबसे लंबी और सबसे ज्यादा लोगों की जान लेने वाली कोई जंग हुई है तो वह थी दूसरी विश्व युद्ध (World War II)। यह युद्ध 1939 से 1945 तक चला और इसमें पूरी दुनिया के लगभग सभी बड़े देश शामिल हो गए। इस जंग में करोड़ों लोगों की जान गई और इंसानियत ने तबाही का सबसे बड़ा मंजर देखा।


युद्ध की शुरुआत कैसे हुई?

दूसरी विश्व युद्ध की शुरुआत 1 सितंबर 1939 को हुई, जब जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर (Adolf Hitler) ने पोलैंड पर हमला कर दिया। हिटलर का सपना था कि जर्मनी पूरी दुनिया पर राज करे और “आर्य जाति” को सबसे श्रेष्ठ साबित करे। पोलैंड पर हमले के बाद ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया।

धीरे-धीरे यह युद्ध यूरोप से निकलकर एशिया, अफ्रीका और अमेरिका तक फैल गया।


किन-किन देशों ने हिस्सा लिया?

इस युद्ध में दो बड़े गुट बन गए थे:

  1. मित्र राष्ट्र (Allied Powers)
    • ब्रिटेन
    • फ्रांस
    • अमेरिका
    • सोवियत यूनियन (रूस)
    • चीन
    • और बाद में दर्जनों छोटे देश
  2. धुरी राष्ट्र (Axis Powers)
    • जर्मनी
    • इटली
    • जापान

युद्ध के बड़े मोर्चे

दूसरे विश्व युद्ध में कई जगह भीषण लड़ाइयाँ लड़ी गईं।

  1. यूरोप का मोर्चा – जर्मनी ने फ्रांस, पोलैंड, रूस समेत कई देशों पर हमला किया।
  2. एशिया का मोर्चा – जापान ने चीन और कई एशियाई देशों पर कब्जा करने की कोशिश की।
  3. अफ्रीका का मोर्चा – जर्मनी और इटली ने अफ्रीकी इलाकों पर नियंत्रण करने की कोशिश की।
  4. समुद्री और हवाई युद्ध – पहली बार बड़े पैमाने पर एयरफोर्स और नेवी का इस्तेमाल हुआ।

हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम

इस युद्ध का सबसे खतरनाक और दर्दनाक पहलू था जब अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 को जापान के शहर हिरोशिमा पर और 9 अगस्त 1945 को नागासाकी पर परमाणु बम गिराया।

कुछ ही मिनटों में लाखों लोग मारे गए, हजारों लोग घायल हुए और पीढ़ियों तक रेडिएशन का असर रहा। यह अब तक का पहला और आखिरी मौका था जब युद्ध में परमाणु बम का इस्तेमाल हुआ।


कितने लोग मारे गए?

इस युद्ध में इंसानियत की सबसे बड़ी तबाही हुई।

  • अनुमान है कि 7 से 8.5 करोड़ लोग (70-85 मिलियन) मारे गए।
  • इनमें सैनिकों के साथ-साथ आम नागरिक भी शामिल थे।
  • सिर्फ होलोकॉस्ट (Holocaust) में हिटलर ने लगभग 60 लाख यहूदियों को मौत के घाट उतार दिया।

युद्ध का असर

दूसरे विश्व युद्ध ने दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया।

  1. जर्मनी बर्बाद हो गया और दो हिस्सों में बंट गया – पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी।
  2. जापान पूरी तरह हार गया और अमेरिका के कब्जे में आ गया।
  3. ब्रिटेन और फ्रांस जैसी पुरानी ताकतें कमजोर हो गईं।
  4. अमेरिका और सोवियत यूनियन दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियाँ बनकर सामने आए।
  5. संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की स्थापना की गई ताकि आगे कोई विश्व युद्ध न हो।

दूसरी विश्व युद्ध ने यह सिखाया कि लालच, घमंड और सत्ता की भूख इंसानियत को कितनी बड़ी तबाही तक पहुँचा सकती है। यह अब तक का सबसे खतरनाक युद्ध था जिसमें सबसे ज्यादा लोग मारे गए।

आज भी जब “युद्ध” का नाम लिया जाता है तो दूसरी विश्व युद्ध की खौफनाक तस्वीरें लोगों की आँखों के सामने आ जाती हैं।


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