दुनिया की सबसे बड़ी ट्रेन डकैती – एक रोमांचक सच्ची कहानी

1963 में ब्रिटेन में हुई "ग्रेट ट्रेन रॉबरी" इतिहास की सबसे बड़ी ट्रेन डकैती मानी जाती है। इस घटना में 26 लाख पाउंड लूटे गए थे। जानिए इस रोमांचक और सच्ची कहानी की पूरी दास्तान।

Saifullah Qamar Shibli

इतिहास में कई डकैतियाँ और चोरी हुईं, लेकिन 1963 की “ग्रेट ट्रेन रॉबरी” (Great Train Robbery, UK) को अब तक की सबसे बड़ी और सबसे चर्चित ट्रेन डकैती माना जाता है। यह सिर्फ एक डकैती नहीं थी बल्कि एक ऐसी रोमांचक घटना थी जिसने ब्रिटेन की पुलिस, मीडिया और आम जनता को सालों तक हिला कर रखा। इस डकैती में करोड़ों रुपये लूटे गए और इसके पीछे की साजिश इतनी फ़िल्मी थी कि आज भी इस पर कई किताबें, फिल्में और डॉक्यूमेंट्री बन चुकी हैं।


डकैती की पृष्ठभूमि

यह घटना 8 अगस्त 1963 की है। जगह थी ब्रिटेन का बकिंघमशायर (Buckinghamshire) इलाका। उस रात रॉयल मेल ट्रेन (Royal Mail Train) लंदन से ग्लासगो (Glasgow) की ओर जा रही थी। इस ट्रेन में डाक विभाग का कीमती सामान और नकद रकम रखी जाती थी।

उस समय इस ट्रेन में करीब 12 डिब्बे लगे थे, जिनमें से एक डिब्बे में नकदी के थैले रखे गए थे। उस रात ट्रेन में लगभग 26 लाख पाउंड (आज के समय में लगभग 500 करोड़ रुपये से भी अधिक मूल्य) नकदी थी।


डकैती की योजना

डकैतों का मुखिया था – ब्रूस रेनॉल्ड्स (Bruce Reynolds)। उसके साथ करीब 15 लोगों की टीम थी जिसमें अपराध जगत के कई मशहूर नाम शामिल थे, जैसे –

  • गॉर्डन गूडी (Gordon Goody)
  • बस्टर एडवर्ड्स (Buster Edwards)
  • चार्ली विल्सन (Charlie Wilson)
  • रॉनी बिग्स (Ronnie Biggs)

इन सबने महीनों तक ट्रेन की मूवमेंट, पुलिस की पेट्रोलिंग और ट्रैक की जानकारी इकट्ठा की।


डकैती की रात

डकैतों ने सिग्नल को लाल करने की योजना बनाई। उन्होंने बिजली के तार से छेड़छाड़ करके ट्रेन का सिग्नल रेड कर दिया ताकि ट्रेन रुक जाए।

रात के लगभग 3 बजे ट्रेन सिग्नल पर रुक गई। जैसे ही ट्रेन रुकी, नकाबपोश डकैतों ने ड्राइवर को काबू में कर लिया। उन्होंने ट्रेन के इंजन को अपने कब्जे में लिया और नकदी वाले डिब्बे तक पहुँच गए।


लूट की रकम

डकैतों ने सिर्फ कुछ ही मिनटों में 120 से अधिक थैले उतार लिए, जिनमें कुल 2.6 मिलियन पाउंड (26 लाख पाउंड) की नकदी थी। यह रकम इतनी बड़ी थी कि ट्रक में भरकर ले जानी पड़ी।

यह उस समय ब्रिटेन की सबसे बड़ी लूट थी।


पुलिस की जांच और गिरफ़्तारी

डकैतों ने रकम लेकर पास ही एक फ़ार्महाउस में छुपाई और कुछ दिनों तक वहीं रहे। लेकिन एक गलती उनकी पकड़ की वजह बनी। उन्होंने फ़ार्महाउस में अख़बार पढ़े और बाद में वहीं छोड़ दिए। पुलिस ने जब फ़ार्महाउस पर छापा मारा तो उन अखबारों से उनके फिंगरप्रिंट मिल गए।

कुछ महीनों में पुलिस ने लगभग सभी मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

  • कई लोगों को 30 साल तक की सजा मिली।
  • लेकिन कुछ डकैत जैसे रॉनी बिग्स जेल से भाग निकले और कई साल तक विदेशों में छुपते रहे।

डकैती का असर

यह घटना ब्रिटेन के इतिहास में दर्ज हो गई।

  • इस डकैती के बाद ट्रेन और नकदी की सुरक्षा के नए नियम बने।
  • यह केस ब्रिटिश पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती था और उनकी इमेज को झटका भी लगा।
  • मीडिया ने इसे “The Crime of the Century” कहा।

डकैतों की किस्मत

  • ब्रूस रेनॉल्ड्स अंत तक पुलिस से बचा रहा लेकिन 1968 में पकड़ा गया।
  • रॉनी बिग्स ब्राज़ील भाग गया और 2001 में वापस ब्रिटेन लौटा।
  • कई डकैत जेल में बूढ़े हो गए और वहीं उनकी मौत हुई।
  • कुछ ने जेल से बाहर आकर नया जीवन शुरू किया।

ग्रेट ट्रेन रॉबरी (1963) सिर्फ एक डकैती नहीं थी बल्कि एक ऐसी घटना थी जिसने अपराध की दुनिया, पुलिस की ताकत और ब्रिटिश समाज को गहराई से प्रभावित किया। यह अब तक की सबसे बड़ी और सबसे चर्चित ट्रेन डकैती मानी जाती है।

आज भी जब इतिहास में सबसे बड़ी लूट की बात होती है, तो 1963 की यह “ग्रेट ट्रेन रॉबरी” सबको याद आती है।


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